कैप्टन की कर्ज माफी का वादा अधूरा, दो किसानों ने की आत्महत्या

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पंजाब में कांग्रेस ने चुनाव में उतरते वक्त कर्ज माफी को बड़ा मुद्दा बनाया लेकिन ये मुद्दा सिरे नहीं चढ़ पाया है। कर्ज न अदा कर पाने की वजह से दो किसानों ने खुदकुशी कर ली है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों द्वारा खुदकुशी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कर्ज से परेशान हलका लहरागागा के दो किसानों ने खुदकुशी कर ली है। पहला मामला लहरागागा के गांव गोबिंदपुरा जवाहर वाला का है जहां एक दिव्यांग किसान जसवंत सिंह (32) ने अपने खेत में जाकर सल्फास निगल ली। अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और दो बहनों का भाई जसवंत सिंह का करीब छह महीने पहले विवाह हुआ था। आठ एकड़ जमीन के मालिक जसवंत सिंह के सिर पर करीब आठ से दस लाख रुपये का कर्ज था, जिसे अदा करने में वह असमर्थ था। इस कारण वह पिछले कुछ समय से परेशान रहता था और इसी परेशानी से उसने खुदकुशी कर ली। थाना लहरागागा की पुलिस ने मृतक की माता राजिंदर कौर के बयानों के आधार पर पोस्टमार्टम के बाद मृतक के शव को परिवार वालों को सौंप दिया। इसी तरह गांव लेहल कलां के किसान प्रीतम सिंह ने अपने खेत में बने कमरे में जहरीली वस्तु निगलकर खुदकुशी कर ली। मृतक किसान प्रीतम सिंह के पुत्र जगजीत सिंह ने बताया कि उसके पिता पर सरकारी व गैर सरकारी करीब दस लाख रुपये का कर्ज था। जमीन कम होने की वजह से कर्ज नहीं उतार पा रहे थे औैर पिछले समय से परेशान रहते थे इसी वजह से उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। गांव के पूर्व सरपंच रणजीत वालिया ने सरकार से मांग की कि परिवार की आर्थिक मदद की जाए। उधर, थाना मूनक के प्रभारी परमिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे कोई जानकारी नहीं है। Reported By: Parminder Singh #DCPBVM

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