Future of journalism

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भारत देश को महाकाव्यों और पुराणो ने ‘भारतवर्ष’ कहा वही यूनानियों ने इसे इंडिया तथा मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारो ने इसे ‘हिन्द’ शब्द से प्रचलित किया ,तथा और भी अलग अलग प्रांतो और मूल के लोग आज भारत , हमारे देश को अलग अलग नामो से बुलाते है ,जैसे की हिंदुस्तान ,इंडिया आदि ।
आज का ‘इंसान’ सिर्फ अपने लिए जीने लगा है ,जो पहले देश के लिए जीता था ,ऐसे ही देश प्रेम की भावना को दिल में रखने वाले कुछ लोग ‘भारत’ को ‘माँ’ के नाम से बुलाते है जैसे की ”माँ भारती” ,”माँ जननी ”.
आज ये सुन के बहुत दुःख होगा ,जिस देश में हम रहते है ,जिस देश से हम प्यार करते है ,जिस देश में खाते पीते है ,वो माँ भारती के सीने में ना जाने कितने ‘शूल ‘यानी खंजर धसे है ,वो खंजर क्या है ,उनमे से कुछ का मै नाम लेता हु ,आपको जरूर समझ में आ जायेगा।
वो पहला खंजर है ”गरीबी ”-आज देश में 40 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा के निचे आते है ,उनमे से यहाँ तक की कितनो के घर शाम का चूल्हा कैसे जलेगा ,यहाँ तक की उसके बारे में उन्हें सोचना पड़ता है।
दूसरा खंजर जिसका नाम है ‘बेरोजगारी ‘-आज लगभग 1.25 करोड़ नये लोग भारतीय बाजार में आ रहे है, जिनको जॉब चाहिए ,और हमारी सरकारे भी  ,लैंड ,लेबर और कैपिटल के कानून संसोधन में अभी तक 1947 में ही अटकी है,जिस बजह से फैक्ट्री ,इण्डस्ट्रियो  को इंडिया में लगाने में काफी दिक्क़ते आ रही है। और समाज के मान्यता से आज के पढ़े लिखे बच्चे की सोच सिर्फ जॉब पर जा के अटक गयी है। यानी उन्हें बड़ा होकर जॉब ही करना है ,जिससे  बिज़नेस कल्चर के लिए आज के युवा की सोच वोझिल दिखाई दे रही है। यानी अगर सभी जॉब करेंगे ,तो उनको जॉब देने वाला भी कोई होना चाहिए।इसलिए इंडियन जॉब मार्किट की हालत को दिन प्रतिदिन कुछ ठीक नहीं कह सकते।
तीसरा सबसे बड़ा खंजर है ,भारतीय ”एजुकेशन” सिस्टम-आज भारत के एजुकेशन सिस्टम में प्रैक्टिकल एजुकेशन की कमी  है ,हर जगह समाज को परीक्षा पास करने के लिए पढ़ाया जा रहा है ,और एजुकेशन सिस्टम में दुकानदारी घुसा है ,जिस बजह से आज भारत के पढ़े लिखे वर्ग को भी ,सविंधान  ,मौलिक अधिकार ,और कानून जैसे चीजों के बारे में मालूम नहीं है ,जिससे समाज में क्राइम और कर्रप्शन जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही है।
एक और सोशल खंजर -आज राज्यों में जगह जगह गंदगी की समस्या है ,कूड़ा कचरा ,रोड सड़क ,बिजली पानी ,अस्पताल में मरीजों का इलाज ठीक से न होना ,विद्यालय में उचित शिक्षा का आभाव ,चुनावी वादे पुरे न होना ,ना जाने ऐसे  कितने खंजर माँ भारती के सीने में सदियों से धसे है।
और हमारे देश की मीडिया और पत्रकार ,जो अपने आप को बहुत ही सशक्त और पढ़े लिखे मानते है ,आज अपने आप में ये सवाल है की हमारे देश में मीडिया और पत्रकारों की कमी नहीं है  ,और ये पढ़े लिखे पत्रकार भी है ,फिर भी हमारा देश इतनी बड़ी बड़ी समस्यावो से घिरा हुआ है। कही ऐसा तो नहीं जो हमारा देश समझ रहा है वो सही हो की आज के पत्रकार नेतावों और उधोगपतियो को ऊपर उठाने में लग गए है ,और 90%मीडिया पेड हो चुकी है।

 

खैर साथियो ऐसी बात नहीं है ,हमारे सरकारों ,लोग और अधिकारियो ने भी मिलकर ”माँ भारती” के सीने की खंजर को निकालने के लिए उचित कदम उठाये लेकिन अफ़सोस वो विफल रहे ,जानते है क्यों ,क्योकि देश बदलना है ,समाज बदलना है ,समाज के बुराइयों और व्याप्त गंदगियों को खत्म करना है ,तो एक एक लोगो को बदलना होगा  ,’दिल्ली क्राइम प्रेस ‘आज इसका दूसरा  विकल्प है। जहाँ आप देश सेवा ,राष्ट्र सेवा ,लोक सेवा को अपने लिए चुनते है  ,और लोगो को जोड़कर समाज में व्याप्त बुराइयों को हटाने में अपना योगदान देते है ,जहाँ आपको अनुभवी पत्रकारो के साथ काम करने और उनसे उचित प्रशिक्छण का मौका मिलता है,और आप  पत्रकार भी बनते है ,और इस सेवा कार्य के साथ आपको मौका मिलता है ,मीडिया जगत से अपने आपको जोड़कर अपने आपको सवर्णिम रोजगार दिलाने का ,जिससे हम सब मिलकर गरीबी और बेरोजगारी रूपी खंजर को उखाड़ फेके ,
इस आशा के साथ की आप अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

जय हिन्द दोस्तों

चन्दन सिंह

8076889326

9911264595

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