फिर चुने जाएंगे जिनपिंग? चीन में ऐसे चुना जाता है राष्ट्रपति

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हर देश में कुछ सालों में सत्ता परिवर्तन होता रहता है. किसी देश में चुनाव के जरिए तो कहीं गैर-लोकतांत्रिक तरीके से नेता का चयन होता है. अब चीन में भी नए नेता को चुनने का वक्त आ रहा है और जल्द ही चीन में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. आइए जानते हैं चीन में किस तरह राष्ट्रपति का चयन होता है. चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं कांग्रेस की बैठक 18 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है. इसके बाद देश के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव हो सकता है. दरअसल चीन में राष्ट्रपति का चुनाव नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (संसद की तरह प्रतिनिधी सभा) करती है, लेकिन आम तौर कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का एक पदाधिकारी ही राष्ट्रपति बनता है. भारत में तो कई पार्टियां हैं और वो चुनाव लड़ती हैं और जनता अपना नेता चुनती है, लेकिन चीन में ऐसा नहीं है. चीन में सिंगल पार्टी रूल है. मतलब वहां केवल कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ही सरकार बनाती है. सिंगल पार्टी रूल होने की वजह से पार्टी के नेता ही सरकार में रहते हैं. आम तौर पर पार्टी का महासचिव देश का राष्ट्रपति बनता है और पार्टी महासचिव के लिए कम्यूनिस्ट पार्टी प्रेसीडेंट पोस्ट रिजर्व रखती है. .दरअसल मध्य अक्टूबर में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) देश भर से प्रतिनिधियों को नियुक्त करती है और इसके बाद बीजिंग के ग्रेट हॉल में बैठक होती है. पार्टी के 2,300 प्रतिनिधि हैं और उसमें से कुछ प्रतिनिधि बैठक में शामिल होते है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष नेताओं के चयन के लिए पार्टी सेंट्रल कमेटी का चुनाव करती है, इसमें 200 सदस्य होते हैं. यह कमेटी पोलित ब्यूरो और स्थायी समिति का चयन करती है, इसमें स्थायी समिति पोलित ब्यूरो को चुनती है. यह सेंट्रल कमेटी राष्ट्रपति यानि पार्टी महासचिव का चयन करती है. कहा जाता है यह मतदान होता है, लेकिन यह पहले ये तय होता है और सिर्फ नामों पर मुहर लगाई जाती है. हालांकि लोकल बॉडी में वहां जनता सीधे तौर पर चुनाव करती है. लोकल बॉडी, डिस्ट्रिकट बॉडी को, डिस्ट्रिकट बॉडी, स्टेट बॉडी को चुनती है. रिपोर्ट्स के अनुसार माना जा रहा है कि इस बार भी शी जिनपिंग ही राष्ट्रपति के लिए चुने जाएंगे.

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