जेल में लालू की सेवा के लिए रसोइया-सेवक, फर्जी केस के जरिए हुआ ‘जुगाड़’

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चारा घोटाले के दूसरे मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सेवा के लिए दो सेवक फर्जी केस बनाकर जेल चले गए हैं. इनका नाम मदन और लक्ष्मण है, जिन्होंने जेल जाने के लिए फर्जी मारपीट का मामला बनाया है. लक्ष्मण लालू का पुराना रसोइया है. जानकारी के मुताबिक, जेल में लालू यादव की सेवा के लिए उनके दो सेवक फर्जी केस में खुद अंदर चले गए. इसके लिए मदन ने पड़ोसी सुमित यादव को तैयार किया. उसने मदन लक्ष्मण पर मारपीट कर 10 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए डोरंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई. थाना प्रभारी आबिद खान को इस मामले पर शक हो गया. थाना प्रभारी ने ऐसे हल्के मामले में गिरफ्तार कर आरोपियों को जेल भेजने से इंकार कर दिया. इसके बाद रांची के लोअर बाजार थाना को सेट किया गया. आरोपी बनकर तीनों थाने पहुंचे. वहां आनन-फानन में केस दर्ज करके सरेंडर किया गया. दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 323, 504, 379, 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. इस शिकायती पत्र में लक्ष्मण और मदन का पता गंगा खटाल हीनू, न्यू साकेत नगर, रांची दिया गया है. बताया जा रहा है कि दोनों रांची में दूध का कारोबार करते हैं. लालू के बहुत पुराने परिचित हैं. लालू यादव जब भी रांची आते हैं, तो दोनों उनके साथ ही रहते हैं. लक्ष्मण लालू यादव के लिए खाना बनाता है, तो मदन उनकी सेवा करता है. बताते चलें कि लालू प्रसाद यादव को 3.5 साल की सजा सुनाई गई है. 23 दिसंबर से लालू बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. सजा सुनाए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी की राह पर चलने के बजाए मरना पसंद करूंगा. उनके ट्विटर हैंडल से ट्वीट हुआ, ‘मैं सामाजिक न्याय, सद्भाव और समानता के लिए खुशी से मरना पसंद करूंगा.’ जेल जाने के बाद एक और ट्वीट किया गया था, ‘प्रिय साथियों, कारागार प्रवास के दौरान मेरे ट्विटर हैंडल का संचालन मेरा कार्यालय और परिवार के सदस्य करेंगे. समय-समय पर मुलाकातियों के मार्फत कार्यालय को संदेश पहुंचेगा, जो आपके पास ट्विटर या अन्य विधा से पहुंच जाएगा. संगठित रहिए, सचेत रहिए.’

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