अब किसानों के घर बीज और खाद की होगी फ्री डिलिवरी, बढ़ेगा मुनाफा

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दुनिया की सबसे बड़ी फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव इफको ने 2020 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए फ्री डोर टू डोर डिलिवरी शुरू की है. ई-कॉमर्स का सहारा लेते हुए इफको ने देशभर में अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए किसानों को ऑनलाइन ऑर्डर पर खेती करने के लिए अहम उत्पादों की डिलिवरी का काम शुरू किया है. इसके लिए इफको ने देशभर में अपने 40,000 से ज्यादा कोऑपरेटिव संस्थाओं को इफको बाजार नाम के पोर्टल से जोड़ने का काम किया है. इंडियन कोऑपरेटिव डिजिटल प्लैटफॉर्म (आईसीडीपी) डिजिटल प्लैटफॉर्म पर देशभर से किसान पानी में घुलने वाले फर्टिलाइजर, एग्रो केमिकल, बायो फर्टिलाइजर समेत बीज, इंश्योरेंस और एग्री कारोबार के अन्य उत्पाद को खरीद सकते हैं. खासबात है कि इन एग्रो उत्पादों को अंतिम किसान तक पहुंचाने के लिए इफको ने इसकी पैकिंग न्यूनतम 5 किलो में दी है. लिहाजा, देशभर में छोटा से छोटा किसान इस नेटवर्क से जुड़कर सरकारी दरों पर खेती के लिए जरूरी उत्पादों की खरीद कर सकता है. इसे पढ़ें: नोटबंदी के बाद इन पांच फैसलों से बनेगा कैशलेस इंडिया बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा ई एग्री मार्केट वहीं इफको ने किसान के दरवाजे तक अपनी डेलिवरी को पूरी तरह मुफ्त रखते हुए कोशिश की है कि इफको बाजार 2020 तक देशभर में ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ते हुए देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन एग्री मार्केट बन सके. गौरतलब है कि इफको का यह ऑनलाइन बाजार देश की 13 भाषाओं में काम करेगा और मौजूदा समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके 2.5 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं. इफको की कोशिश ई-कॉमर्स का सहारा लेते हुए देश के दूरदराज के गांवों को रूरल ई-मार्केट से जोड़ने की है जिससे देश का ग्रामीण इलाका डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से जुड़ सके. कैशलेस हो जाएगा गांव में कारोबार रूरल इकोनॉमी के जानकारों का दावा है कि इस पोर्टल की मदद से देश में रूरल मार्केट को डिजिटल बनाने का काम आसानी से किया जा सकता है. इस काम को सहज करने के लिए इफको ने बड़े स्तर पर ग्रामीण इलाकों में लोगों को डिजिटल माध्यमों को आसानी से इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दे रही है. इसके साथ ही वह किसानों को कैशलेस होने के अन्य फायदों के लिए भी तैयार कर रहे हैं. इसे पढ़ें: दावोस में दम दिखाएंगे मोदी, विदेशी निवेश होगा सबसे बड़ा टारगेट किसानों की आमदनी बढ़ना तय? इफको का दावा है कि ग्रामीण मार्केट में इस डिजिटल प्लैटफार्म से किसानों की आमदनी में इजाफा तय है. इस प्लैटफॉर्म के जरिए जहां रूरम मार्केट को एक कॉमन मार्केट बनाया जा रहा है वहीं इस प्लैटफॉर्म पर किसान भी अपने प्रोडक्ट को सीधे कोऑपरेटिव और अन्य ग्राहकों को बेच सकते हैं. इससे रूरल मार्केट से बिचौलिए खत्म होंगे और किसानों के मुनाफे में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा.

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