अक्षरधाम जैसा भव्य होगा UAE का मंदिर, बनेगा सहिष्णुता का प्रतीक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात के दो दिवसीय दौरे पर आज रवाना होंगे. पीएम मोदी इस दौरे में वीडियो लिंक के जरिए अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला भी रखेंगे. इस दौरे में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में करीब 12 समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए जाने हैं. यूएई में भारतीय राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने कहा, ‘अबू धाबी का पहला हिंदू मंदिर जिसकी आधारशिला पीएम मोदी रखने वाले हैं, भारत और यूएई की सहिष्णुता की संस्कृति का प्रतीक होगा.’ यूएई में करीब 26 लाख भारतीय हैं जो यहां की कुल आबादी का 30 फीसदी है. वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हिंदुओं के लिए केवल एक ही मंदिर है और यह मंदिर दुबई में स्थित है. अक्षरधाम मंदिर के प्रारूप पर बनेगा मंदिर यूएई सरकार ने पीएम मोदी की 2015 में संयुक्त अरब अमीरात के पहले दौरे के वक्त अबू धाबी में एक मंदिर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की थी. इसके बाद यूएई सरकार ने मंदिर के लिए अल वाथबा में 20,000 स्क्वॉयर मीटर जमीन उपलब्ध कराई. इस मंदिर का निर्माण प्राइवेट फंड से किया जा रहा है. अबू धाबी का पहला हिंदू मंदिर नई दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के प्रारूप पर आधारित होगा. इस मंदिर का निर्माण कार्य 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. 3 देशों की यात्रा पर आज रवाना होंगे पीएम मोदी उन्होंने आगे कहा, ‘इस मंदिर के लिए इतनी जमीन उपलब्ध कराने में उदारता दिखाने के लिए मैं शेख मोहम्मद को तहे दिल से शुक्रिया कहना चाहता हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि जब यह मंदिर बन जाएगा तो यह ना केवल भारतीय संस्कृति बल्कि यूएई की संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करेगा. यूएई की अपनी संस्कृति में विविधता का जश्न मनाया जाता है और सभी समुदाय के लोगों को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषायी पहचान बनाए रखने की स्वतंत्रता दी गई है.’ पीएम मोदी के यूएई के पहले दौरे में की गई थी मंदिर की मांग पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे के कार्यक्रम के बारे में सूरी ने बताया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम को अबू धाबी में होंगे. राज्य के दौरे के तहत, वह अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान और यूएई सेना के डेप्युटी सुप्रीम कमांडर के साथ बातचीत करेंगे. इस दौरे में कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी होंगे. दौरे के दूसरे दिन वहात अल करामा में रुकेंगे और वहां से दुबई के लिए रवाना होंगे. यहां वह भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे.’ बता दें कि भारत ने अपने नागरिकों के लिए एक पूजा स्थल की मांग की थी, जिसके बाद यूएई ने मंदिर परियोजना को मंजूरी दी. पीएम मोदी ने 2015 में यूएई का पहला दौरा किया था और इसी वक्त भारत की तरफ से यूएई सरकार से भारतीयों के लिए एक पूजा स्थल की मांग की गई थी. गल्फ रीजन के जॉइंट सेक्रटरी इंचार्ज मृदुल कुमार ने बताया, ‘मंदिर की संरचना, देवी-देवता और उनकी मूर्तियां जैसे पहलुओं पर भारतीय समुदाय को यूएई सरकार के साथ मिलकर सहयोग करना होगा.’ उन्होंने बताया कि मंदिर के रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय समुदाय यूएई अधिकारियों के साथ मिलकर उठाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 फरवरी से 12 फरवरी तक तीन देशों फिलीस्तीन, यूएई और ओमान के दौरे पर जा रहे हैं. वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जो दिवंगत फिलीस्तीनी नेता यसर अराफात के मेमोरियल जाएंगे और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

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