कर्नाटक में अमित शाह की फिर बेइज्जती, लेकिन इस बार विलेन कोई और है

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अमित शाह कर्नाटक में सिद्धारमैया का प्रचार करने गए हैं. उनकी कोशिश है कि येदुरप्पा किसी भी तरह सीएम न बनने पाएं. आप हमको अहमक कहोगे. बोलोगे कि अपनी पार्टी को क्यों हराएंगे. हमको ‘क्यों’ का पता तो नहीं है, लेकिन वो ‘क्या’ कर रहे हैं ये दिख रहा है. इस बार उनकी गलती हल्की है. उनका भाषण कन्नड़ में ट्रांसलेट करने वाले की गलती ज्यादा है. अमित शाह ने दवानागिरी की रैली में कहा “सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक का विकास नहीं कर सकती. आपने ऊपर मोदी जी की सरकार बनाई है. यहां येदुरप्पा की भाजपा की सरकार बना दीजिए. नरेंद्र मोदी और येदुरप्पा जी मिलकर कर्नाटक को देश का नंबर वन राज्य बनाकर दिखाएंगे.” धारवाड़ से बीजेपी सांसद प्रह्लाद जोशी ने इसे कन्नड़ में ट्रांसलेट करते हुए कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब, दलित और पिछड़ों के लिए कुछ भी नहीं करेंगे. वो देश को बर्बाद कर देंगे. आप उन्हें वोट दीजिए.” हमने ये खबर एकाध जगह देखी तो समझ नहीं आया. काहे कि हमको कन्नड़ आती नहीं है. फिर कन्नड़ जानने वाले एक दोस्त को फोन मिलाया और पूछा. तब पता चला कि हां बात तो सही है. उधर के बीजेपी प्रवक्ता डॉक्टर वमनाचार्य ने कहा कि होता है होता है. यहां की जनता को हिंदी में भाषण समझ नहीं आता. अमित शाह के भाषण का ट्रांसलेशन अनंत हेगड़े करते हैं. कुछ जगह प्रह्लाद जोशी भी कर लेते हैं. लेकिन अब खयाल रखना पड़ेगा. इसी तरह चित्रदुर्ग में भी अमित शाह का काम ट्रांसलेटर ने संभाला. लेकिन उससे पहले हिंदी में स्पीच दे रहे थे. जनता से पूछा “क्या आप येदुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?” जनता ने कहा “नहीं.” क्योंकि समझ में ही नहीं आया था कि क्या कह रहे हैं. इसके पहले वाला केस तो याद ही होगा. जब अमित शाह की जबान पर कुछ सेकेंड्स के लिए सरस्वती माता बैठ गई थी.

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