इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत 2018: कांग्रेस या सिद्धारमैया, कौन लड़ रहा है चुनाव?

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इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य के नेताओं में किसी तरह का विभाजन नहीं है और कांग्रेस की विचारधारा के आधार पर चुनाव लड़ा जा रहा है. इंडिया टुडे समूह के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने जब राज्य के कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद पर सवाल किया तो मल्ल‍िकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘हमें डिवाइड करने की कोशिश न करें. हम सब एक हैं. इलेक्शन मैनिफेस्टो में जो दिया है, वह कांग्रेस पार्टी का है. उसे सिद्धारमैया ने लागू किया है. हमें इस आधार पर बांटने की कोशिश न करें. हम कांग्रेस की विचारधारा पर लड़ रहे हैं. लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रहे हैं. समाज और देश को एकजुट होना चाहिए. बीजेपी और आरएसएस के लोगों को पावर में नहीं आने देना चाहिए जो संविधान को नुकसान पहुंचा सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि जो प्रोग्राम राज्य के सीएम जारी करते हैं वह कांग्रेस की तरफ से ही होता है. पार्टी और जो व्यक्ति इस प्रोग्राम को लागू करता है, दोनों महत्वपूर्ण हैं. कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा, ‘लोग हमारे कैप्टन (सीएम) और प्रोग्राम दोनों के आधार पर वोट देते हैं. सिद्धरमैया ने सामाजिक स्थ‍िरता, वित्तीय स्थिरता के लिए काम किया है. इसलिए हमें उन पर गर्व है.’ कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान से पहले राज्य की सियासी, सामाजिक और आर्थिक आबोहवा पर मंथन के लिए बेंगलुरु में सजा है महामंच. यह महामंच है इंडिया टुडे ग्रुप की ‘कर्नाटक पंचायत’. इस पंचायत में राजनीति, कारोबार जगत के दिग्गजों के साथ नौकरशाह, टेक्नोक्रेट्स, जानी-मानी हस्तियां और दूसरों पर गहरी छाप छोड़ने वाली कई शख्सियतें भी मौजूद रहेंगी. बेंगलुरु के होटल ललित अशोक में आज हो रही ‘पंचायत’ में न्यूज़मेकर्स और डिसिज़न-मेकर्स कर्नाटक के लोगों पर असर डालने वाले तमाम मुद्दों पर विचा कौन जीतेगा कर्नाटक? इस कॉन्क्लेव से ही सेट होगा आने वाले उस विधानसभा चुनाव का एजेंडा, जिस चुनाव की राष्ट्रीय राजनीति पर छाप दूर तक दिखाई दे सकती है. पंचायत की शुरुआत जिस सत्र के साथ हुई उसका शीर्षक है- ‘क्या कर्नाटक पर कब्ज़ा बरक़रार रख पाएगी कांग्रेस?’ इस सत्र में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कांग्रेस का पक्ष रखा. क्या कर्नाटक में खिलेगा कमल? दिन भर चलने वाले कॉन्क्लेव का समापन जिन दो सत्रों के साथ होगा, उनमें बीजेपी की इस चुनाव में संभावनाओं पर रहेगा फोकस. इन दो सत्रों को नाम दिया गया है- ‘क्या कर्नाटक में खिलेगा कमल?” बीजेपी से जुड़े एक संत्र में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार जहां वक्ता होंगे, वहीं दिन के आखिरी सत्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पार्टी का पक्ष रखेंगे.

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