4 साल, 6 बवाल: ऐसे दलितों के मुद्दे पर बैकफुट पर आई मोदी सरकार

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SC/ST एक्ट में बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में गुस्सा है. कई दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद बुलाया, इस दौरान पूरे देश में कई जगह हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं. मेरठ, बाड़मेर समेत देश के कई इलाकों में बस फूंकीं, दुकानों में आग लगा दी. हिंसा में कई लोग घायल भी हुए हैं. इस पूरी प्रक्रिया में मोदी सरकार विलेन बन रही है. पिछले काफी समय से मोदी सरकार के प्रति दलितों का गुस्सा उभर कर आया है. पिछले चार साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनके कारण मोदी सरकार दलितों से जुड़े मुद्दों पर बैकफुट पर है. वो चाहे ऊना का मामला हो या फिर रोहित वेमुला का मामला. पढ़ें ऐसे ही कुछ मामले… SC/ST एक्ट में बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में गुस्सा है. कई दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद बुलाया, इस दौरान पूरे देश में कई जगह हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं. मेरठ, बाड़मेर समेत देश के कई इलाकों में बस फूंकीं, दुकानों में आग लगा दी. हिंसा में कई लोग घायल भी हुए हैं. इस पूरी प्रक्रिया में मोदी सरकार विलेन बन रही है. पिछले काफी समय से मोदी सरकार के प्रति दलितों का गुस्सा उभर कर आया है. पिछले चार साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनके कारण मोदी सरकार दलितों से जुड़े मुद्दों पर बैकफुट पर है. वो चाहे ऊना का मामला हो या फिर रोहित वेमुला का मामला. पढ़ें ऐसे ही कुछ मामले… SC/ST एक्ट में बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में गुस्सा है. कई दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद बुलाया, इस दौरान पूरे देश में कई जगह हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं. मेरठ, बाड़मेर समेत देश के कई इलाकों में बस फूंकीं, दुकानों में आग लगा दी. हिंसा में कई लोग घायल भी हुए हैं. इस पूरी प्रक्रिया में मोदी सरकार विलेन बन रही है. पिछले काफी समय से मोदी सरकार के प्रति दलितों का गुस्सा उभर कर आया है. पिछले चार साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनके कारण मोदी सरकार दलितों से जुड़े मुद्दों पर बैकफुट पर है. वो चाहे ऊना का मामला हो या फिर रोहित वेमुला का मामला. पढ़ें ऐसे ही कुछ मामले… बीते साल बसपा प्रमुख मायावती ने राज्यसभा से गुस्से में आकर इस्तीफा दे दिया था. मायावती ने आरोप लगाया था कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, उनकी आवाज़ को दबाया जा रहा है. मायावती उस दौरान सहारनपुर हिंसा पर बोलने जा रही थीं लेकिन बोलने नहीं दिया गया था. इसी कारण मायावती ने 18 जुलाई को लिखित रूप से राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था.

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