अफ्रीका की टेस्ट में सबसे बड़ी जीत, ऑस्ट्रेलिया को 492 रनों से दी मात

0
27

दक्षिण अफ्रीका ने वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया को 492 रनों से हरा दिया. इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली है. दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया को 612 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था. मेहमान टीम सिर्फ 119 रन ही बना सकी और मैच हार गई. यह दक्षिण अफ्रीका की रनों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले उसने 2007 में न्यूजीलैंड को जोहानिसबर्ग में ही 358 रनों से मात दी थी. इसके साथ ही क्रिकेट और मैदान से बाहर के विवादों से भरी सीरीज का भी अंत हो गया. तीसरे टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ विवाद के कारण पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ, उपकप्तान डेविड वॉर्नर और कैमरन बेनक्रॉफ्ट को स्वदेश लौटना पड़ा. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह चौथी बड़ी जीत है. रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड (675 रन) ऑस्ट्रेलिया के नाम है. 1928 में ब्रिस्बेन में खेला गया वह टेस्ट डॉन ब्रैडमैन का डेब्यू टेस्ट था. – 675 रन इंग्लैंड विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, ब्रिस्बेन, 1928 – 562 रन ऑस्ट्रेलिया विरुद्ध इंग्लैंड, ओवल, 1934 – 530 रन ऑस्ट्रेलिया विरुद्ध साउथ अफ्रीका, मेलबर्न, 1911 – 492 रन साउथ अफ्रीका विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, जोहानिसबर्ग, 2018 48 साल बाद साउथ अफ्रीकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली घरेलू टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब रही. इससे पहले उसने 1969-70 में ऑस्ट्रेलिया को अपने घर में 4-0 से सीरीज में मात दी थी. अपनी धरती पर साउथ अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया पर सीरीज जीत- 3-1 (5) से 1966/67 में 4-0 (4) से 1969/70 में 3-1 (4) से 2017/18 में टेस्ट में फिलेंडर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्नोन फिलेंडर ने मैच की दूसरी पारी में 21 रन देकर 6 विकेट लिए. यह उनका खेल के सबसे लंबे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. फिलेंडर ने इस मैच में टेस्ट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए हैं, ऐसा करने वाले वह सातवें दक्षिण अफ्रीकी हैं. ऑस्ट्रेलिया के सिर्फ दो बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू सके. जो बर्न्‍स ने 42 रन, तो वहीं पीटर हैंड्सकॉम्ब में 24 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत तीन विकेट के नुकसान पर 88 रनों के साथ की थी, लेकिन आखिरी दिन मेहमान टीम सिर्फ 16.4 ओवर की खेल सकी. मोर्कल का यह आखिरी टेस्ट था. उन्होंने सीरीज शुरू होने से पहले ही अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी. फिलेंडर के अलावा मोर्ने मोर्केल ने दो विकेट लिए. केशव महाराज को एक सफलता मिली. दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 488 रन बनाए थे. वहीं ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में 221 रन ही बना सकी थी. दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट के नुकसान पर 344 रनों पर घोषित कर दी ऑस्ट्रेलिया को विशाल लक्ष्य दिया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here