टीडीपी सांसद का नया अवतार, बताया इस तरह से क्यों करते हैं विरोध

0
26

टीडीपी सांसद शिवाप्रसाद मंगलवार को संसद भवन में फिर एक नए अंदाज में दिखाई दिए. आज वह कहानियां सुनाने वाले उस कलाकार का रूप रखकर आए थे जो प्राचीन समय में नुक्कड़ सभाओं में मंच लगाकर अलग-अलग प्रकार की कहानियां सुनाते थे. शिवाप्रसाद समेत अन्य टीडीपी सांसद आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे हैं. चित्तुर से सांसद शिवाप्रसाद कथावाचक के रूप में संसद भवन पहुंचे. प्राचीन काल में महाभारत से लेकर रामायण, राजाओं की कहानियां सुनाने के लिए ऐसे कलाकार होते थे. इन्हें कथावाचक यानी स्टोरी टेलिंग आर्टिस्ट के रूप में जाना जाता थे. पुराने वक्त में जब टीवी और सिनेमा का अविष्कार ही नहीं हुआ था तब ऐसे कलाकार गांव-गांव जाकर कहानियों के जरिए लोगों का मनोरंजन करते थे. इन कलाकारों के पास एक खास तरह का वाद्य यंत्र होता था. इसी यंत्र को लेकर टीडीपी सांसद शिवप्रसाद संसद भवन पहुंचे. क्यों रखते हैं नए-नए अवतार सांसद शिवाप्रसाद का कहना है रोज नए-नए अवतारों में संसद भवन आने के पीछे एक मसकद है. उन्होंने बताया कि वह आंध्र प्रदेश के उस वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं जो कहानी के जरिए अपनी बात कहते आए हैं. शिवाप्रसाद का कहना है कि आंध्र में ऐसे कथाकारों के 17 लाख परिवार हैं. उन्होंने कहा कि अपनी बात पहुंचाने का यही एक तरीका है ताकि असरदार तरीके से होकर हमारी मांग सरकार तक पहुंचाई जा सके. बजट सत्र के चर्चित सांसद मौजूदा बजट सत्र में शिवाप्रसाद ने विरोध के अलग-अलग तरीकों को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी हैं. वह रोज नए-नए अवतार रखकर अपना विरोध जताते हैं. संसद परिसर में मीडिया के कैमरों को शिवा की तलाश रहती है और विरोध के अनोखा तरीखा सभी को चकित कर रहा है. इससे पहले भी सांसद शिवाप्रसाद नए-नए तरीकों से सदन के बाहर अपना विरोध जता चुके हैं. कभी वो कृष्ण के अवतार में नजर आते हैं तो कभी बाबा साहेब अंबेडकर की वेशभूषा में संसद पहुंचते हैं. यहां तक कि शिवाप्रसाद स्कूल बच्चे, तेलुगू महिला, मछुआरे के अवतार में भी संसद आ चुके हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here