बुझी नहीं विरोध की आग, मेरठ में तनाव के बीच फ्लैग मार्च, भिंड में पत्थरबाजी

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SC/ST एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किए गए बदलाव के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. इस दौरान पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हुआ, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई और हज़ारों करोड़ों की संपत्ति स्वाहा हो गई. भारत बंद का असर आज मंगलवार को भी दिख रहा है. हालांकि, जिन लोगों का नाम हिंसा फैलाने में सबसे आगे रहा उनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है. मध्य प्रदेश में क्या है असर? मध्य प्रदेश के भिंड में दो पुलिसवालों समेत 6 के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया गया है. वहीं करीब 31 लोगों के खिलाफ हिंसा फैलाने का केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा पुलिस ने 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. अभी भी भिंड, ग्वालियर और मुरैना के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है. मध्य प्रदेश के भिंड, ग्वालियर, मुरैना, सागर और बालाघाट जिलों में इंटरनेट को अभी भी बंद रखा गया है. भिंड में कर्फ्यू के दौरान ही दो गुटों में पत्थरबाजी की घटना हुई है. उत्तर प्रदेश में क्या असर? उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद के स्कूलों को बंद रखा गया है. साथ ही में मेरठ में दोपहर 2 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रखी गई है. सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है. इलाहाबाद पुलिस ने सोमवार को हुए प्रदर्शन में 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मेरठ में आज फ्लैग मार्च किया जा रहा है. शहर के कचहरी क्षेत्र से IG, SSP और डीएम की अगुवाई में मार्च निकाला जा रहा है. मुजफ्फरनगर में भी बुरी हालात मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने बयान दिया है कि 2 अप्रैल को हुई हिंसा में 134 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया कि अभी भी शहर में 5 PAC, 1 RAF की टीम को बुलाया गया है. क्या हिंसा फैलाने में बसपा विधायक शामिल? मेरठ में अशांति फैलाने के पीछे एक नेता की साजिश का खुलासा हुआ है. मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया है कि बीएसपी के पूर्व विधायक योगेश वर्मा इस पूरे तांडव के पीछे हैं. उन्होंने दावा किया कि योगेश वर्मा हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता हैं. फिलहाल, योगेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही 200 से ज्यादा से लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनके खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं. कल क्या-क्या हुआ? एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ दलित संगठनों ने सोमवार को देशभर में भारत बंद का आयोजन किया और इस दौरान कई राज्यों में जमकर हिंसा, रेल रोको, आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं. हिंसा में बदले इस विरोध प्रदर्शन में कुल 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हो गया. स्थिति पर नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिस ने उपद्रवियों को हिरासत में लिया है. भारत बंद के आह्वान पर देश के अलग-अलग शहरों में दलित संगठन और उनके समर्थकों ने ट्रेनों को रोका और सड़कों पर जाम लगाया. उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तोड़फोड़, जाम और आगजनी की घटनाएं हुईं. कानून व्यवस्था और शांति बहाली के लिए प्रशासन लगातार कोशिश में जुटा है. इस बीच बिहार में 3,619, यूपी में 448 और झारखंड में 15 सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. कई शहरों में इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया था.

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