RSS विचारक राकेश सिन्हा को हिरासत में लेने वाले SHO पर गिरी गाज, हुआ सस्पेंड

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दलित हिंसा के बीच सोमवार को RSS विचारक राकेश सिन्हा को अरेस्ट करना एक पुलिस अधिकारी को भारी पड़ा. नोएडा के SSP अजयपाल शर्मा ने राकेश सिन्हा को हिरासत में लेने वाले SHO को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया है. दरअसल सोमवार को दलित संगठनों द्वारा भारत बंद के बीच RSS विचारक राकेश सिन्हा को पुलिस ने दलित एक्टिविस्ट समझकर हिरासत में ले लिया था. उस समय राकेश सिन्हा एक न्यूज टेलीविजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए निकले हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दलित दंगाई समझकर हिरासत में ले लिया. ANI ✔ @ANI 2 Apr I was going to take part in a panel discussion at a media house in Noida when I was pulled inside a police jeep. There were 8 policemen lead by SHO Noida who were using abusive language. When I asked them why I was detained, they simply said I was free to go now:Prof Rakesh Sinha pic.twitter.com/sEOdkmcu3b ANI ✔ @ANI The police later said that they suspected me to be a Dalit protester. I appeal to the police that basic human rights and dignity of a person should be kept in mind: Professor Rakesh Sinha who was detained by police in Noida today pic.twitter.com/l78iktjgrc 11:07 PM – Apr 2, 2018 View image on Twitter 394 290 people are talking about this Twitter Ads info and privacy हालांकि जैसे ही पुलिस को समझ में आया कि राकेश सिन्हा दंगाई नहीं, बल्कि संघ विचारक हैं तो तुरंत उन्हें छोड़ दिया गया. राकेश सिन्हा ने खुद ट्वीट कर अपने साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी दी. राकेश सिन्हा सोमवार की शाम डिस्कशन पैनलिस्ट के तौर पर एक प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए निकले हुए थे. पुलिस ने उन्हें नोएडा सेक्टर 16 स्थित फिल्म सिटी में एक समाचार चैनल के बाहर से हिरासत में लिया. View image on Twitter View image on Twitter ANI ✔ @ANI I was going to take part in a panel discussion at a media house in Noida when I was pulled inside a police jeep. There were 8 policemen lead by SHO Noida who were using abusive language. When I asked them why I was detained, they simply said I was free to go now:Prof Rakesh Sinha 11:07 PM – Apr 2, 2018 774 440 people are talking about this Twitter Ads info and privacy गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी ऐक्ट में बदलाव किए जाने के विरोध में दलितों ने सोमवार को देश व्यापी बंद का आह्वान किया था, लेकिन दलितों द्वारा बुलाया गया यह बंद हिंसक हो उठा, जिसमें सोमवार को 11 लोगों की मौत हो गई. देश के विभिन्न हिस्सों में उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की, बस और रेल यातायात रोके रखा और आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. बंद का काफी व्यापक असर रहा और करीब दर्जन भर राज्यों में बंद की मार देखने को मिली. अपने साथ घटी घटना के बारे में राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर बताया कि वह एक समाचार चैनल के गेट पर खड़े थे. तभी पुलिस की एक गाड़ी वहां आई और उन्हें हिरासत में ले लिया. पुलिस राकेश सिन्हा को अपनी गाड़ी में बिठाकर ले जाने लगी. Prof Rakesh Sinha ✔ @RakeshSinha01 नॉएडा पुलिस @CNNnews18 studio के गेट sho अनिल कुमार शाही के नेतृत्व में ज़बरन पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले गयी .उनका व्यवहार अशोभनिया था .धमकी भरा था .भीड़ जुटने पर 500 मीटर दूर जाकर छोड़ा.बाद में सफ़ाई दी मुझे दलित ऐक्टिविस्ट समझ बैठे @myogiadityanath @narendramodi 9:29 PM – Apr 2, 2018 4,416 2,362 people are talking about this Twitter Ads info and privacy करीब 500 मीटर दूर जाने के बाद पुलिस ने माफी मांगते हुए यह कहकर छोड़ दिया कि पुलिस वालों को लगा कि वह दलित दंगाई हैं. इस पर राकेश सिन्हा ने पुलिस वालों से यह अपील भी की है कि वे आम आदमी के मूल अधिकारों और उसकी मर्यादा का भी खयाल रखें.

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