CWG 2018: ट्रक ड्राइवर के बेटे गुरुराज ने दिलाया भारत को पहला पदक

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ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के युवा वेटलिफ्टर गुरुराजा ने पहला मेडल जीता. गुरुराजा ने कुल 249 किलोग्राम उठाकर सिल्वर मेडल जीता और देश को पहला पदक दिलाया. गोल्ड मेडल मलेशिया के इजहार अहमद ने जीता. श्रीलंका के चतुरंगा लकमल को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. वेटलिफ्टिंग के अहम मुकाबले में 25 साल के गुरुराज ने स्नैच में 111 का स्कोर किया, तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 138 का स्कोर बनाया. उन्होंने कुल 249 का स्कोर करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. स्वर्ण पदक जीतने वाले मलेशिया के इजहार अहमद ने कुल 261 का स्कोर किया. इजहार ने स्नैच में 117 का स्कोर किया, जो एक नया गेम रिकार्ड है. इस मामले में उन्होंने नई दिल्ली में 2010 में खेले गए कॉमनवेल्थ खेलों में अपने हमवतन इब्राहिम द्वारा स्थापित किए रिकॉर्ड को तोड़ा. क्लीन एंड जर्क में मलेशियाई खिलाड़ी ने 144 का स्कोर किया. कांस्य पदक जीतने वाले श्रीलंका के चतुरंगा लकमल ने स्नैच में 110 और क्लीन एंड जर्क में 134 का स्कोर किया. गुरुराजा मूल रूप से कोस्टल कर्नाटक में कुंडूपारा के रहने वाले हैं. उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं. उन्होंने 2010 में वेटलिफ्टिंग करियर शुरू किया था. गुरुराजा को शुरू में उनके सामने कई परेशानियां आईं. वेटलिफ्टिंग जैसे खेल में डाइट और सप्लीमेंट्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसके लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे. लेकिन उनके पिता ने उन्हें हिम्मत नहीं हारने दी और बेटे को आगे बढ़ने का हौसला देते रहे. उनके परिवार में आठ लोग हैं. गुरुराजा पुजारी ने 2016 साउथ एशियन गेम्स में इसी कैटेगरी में गोल्ड जीता था. तब उन्होंने कुल 241 किग्रा वजन उठाया था. उन्होंने इसी साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता, उन्होंने 249 किग्रा (स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 141 किग्रा ) वजन उठाया था.

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